कठिन परिस्थितियों में इंसान को धैर्य रखना चाहिए | kathin paristhitiyon mein insaan ko dhairy rakhana chaahie
व्यक्ति का जीवन संघर्षों से भरा हो जाता है। इसमें उतार-चढ़ाव का आना जाना लगा रहता है। मुसीबत के समय ही व्यक्ति की सही मायने में परीक्षा होती है क्योंकि मुसीबत के समय में हम कैसा व्यवहार करते हैं] यह बहुत ज्यादा मायने रखता है।
बहुत समय पहले की बात है। एक नगर में एक छोटा सा परिवार रहता था | जो बहुत ही दयनीय स्थिति से गुजर रहा था। परिवार लगातार संघर्षों से जूझ रहा था, परंतु एक के बाद एक समस्या आती जा रही थी। लगातार आ रही समस्याओं से निराश होकर परिवार के छोटे लड़के ने अपने पिता से कहा कि अब हम थक चुके हैं। मुझे अपना भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है। लड़के के पिता खाना बनाने का काम करते थे। वो अपने लड़के को रसोईघर में लेकर गए।
रसोईघर में उन्होंने तीन घड़ों में पानी भरकर उसे चूल्हे पर रख दिया। कुछ समय के पश्चात तीनों बर्तन में पानी उबलने लगा। उसने एक-एक करके पहले बर्तन में आलू, दूसरे में बर्तन में अंडे और तीसरे बर्तन में कॉफी बीन्स डाल दिये। लड़का बेसब्री से इंतजार कर रहा था, उसके दिमाग में चल रहा था कि पिता जी यह सब क्या कर रहे हैं। 20 मिनट बाद उन्होंने चूल्हे को बंद कर दिया।
पिता ने सबसे पहले आलू को एक कटोरे में निकाला, उसके बाद अंडा और अंत में कॉफी को निकालकर एक कप में रख दिया। उन्होंने लड़के की तरफ मुड़कर कहा, बेटा तुम क्या देख रहे हो? लड़के ने तुरंत जवाब देते हुए कहा कि आलू, अंडे और कॉफी। पिता ने कहा करीब से देखो और आलू को छुओ। लड़के ने आलू छुआ और कहा कि यह तो नरम हो गया है। फिर पिता ने उसे अंडा तोड़ने को कहा। लड़के ने अंडा तोड़ा तो उसमें से सख्त अंडा निकला। अंत में उसे कॉफी पीने के कहा, जिसे पीकर लड़के के चेहरे पर मुस्कान आ गई।
यह सब हो जाने के बाद लड़के ने पिता से पूछा इनका क्या मतलब है? पिता ने समझाया कि आलू, अंडा, कॉफी बीन्स, इन तीनों को ही उबलते पानी का सामना करना पड़ा। परंतु सभी ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी। मजबूत आलू नरम हो गया, नाजुक अंडा सख्त हो गया और कॉफी बीन्स पानी के सम्पर्क में आकर पानी को ही बदल दिया। पिता ने बेटे से कहा कि अगर तुम्हारे दरवाजे पर मुसीबत आएगी तो तुम कैसा व्यवहार करोगे? क्या तुम आलू हो, अंडा हो या फिर कॉफी बीन्स हो?
कहानी की शिक्षा
जीवन में हर रोज नई-नई चीजें हमारे आस-पास होती हैं। बस एक चीज मायने रखती है, आप इस पर प्रतिक्रिया कैसे करते हैं।
डिसक्लेमर
'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'
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