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मार्च, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

माला फेरत जुग भया दोहे का अर्थ | Mala Ferat Jug Bhaya Meaning in Hindi

     माला फेरत जुग भया :   माला फेरते फेरते युग बिता दिए.        फि रा न मन का फेर:   लेकिन अब तक मन शांत नही हुआ.         कर का मनका डार दे:   हाथ का मनका छोड़ दे.                       मन का मनका फेर:   मन की माला फेरना शुरू कर इस दोहे में कबीर जी कहते हैं कि भगवान का नाम लेते लेते, माला जपते-जपतेे तुमने युगों-युग बिता दिए। सारा जीवन तुमने माला के मनके घूमाने में लगा दिया। लेकिन अब तक तुम्हे अपने मन की शांति की प्राप्ति नहीं हुई। जिस मन की शांति के लिए तुम सदा भगवान की माला जपते रहते हो वह शांति तुम्हें आज तक नहीं मिली इसलिए इस हाथ में पकड़े मनके को जिसे तुम माला में डालकर घुमा रहे हो इन्हें छोड़ कर अपने मन के मनको का ध्यान करो। अपने मन को शुद्ध करो, अपने विचार में शुद्धता लाओ तभी तुम्हें मन की शांति की प्राप्त होगी। व्याख्या :  सिर्फ भगवान की स्तुति करना या माला जपते रहने से मन शांत हो जाएगा ऐसा सोचना गलत है। क्योंकि मन की शांति तभी मिलती है ज...

लाइफ मैनेजमेंट:सभी गुणों का महत्व कम कर देता है अहंकार, इस बुराई से सबकुछ खत्म हो सकता है

  अगर कोई व्यक्ति दानी है, दूसरों की मदद करता है, लेकिन उसमें अहंकार भी है तो उसके अच्छे गुणों का महत्व कम हो जाता है। अहंकार की वजह से सबकुछ बर्बाद हो सकता है। इस संबंध में एक लोक कथा से समझें, अहंकार कैसे नुकसान पहुंचा सकता है? पुराने समय में एक राजा बहुत ही धार्मिक स्वभाव वाला था। सभी लोगों की मदद करता था। प्रजा भी राजा से विशेष प्रेम करती थी। राजा रोज जरूरतमंद लोगों को दान करता था। एक दिन राजा के दरबार में एक संत पहुंचे। राजा ने संत का आदर-सत्कार किया। संत को स्वयं भोजन कराया। राजा के अतिथि सत्कार से संत प्रसन्न थे। संत से राजा ने कहा कि गुरुदेव आज मैं आपकी सभी इच्छाएं पूरी करूंगा। आप जो चाहें मुझसे मांग लें। मैं आपकी हर बात पूरी करूंगा। संत समझ गए कि राजा के मन अपने धन का अहंकार है। उन्होंने कहा कि मैं तो वैरागी हूं, मुझे किसी चीज की जरूरत नहीं है। अगर आप कुछ देना ही चाहते हैं तो मुझे अपनी इच्छा से खुद की कोई एक चीज दान करें। अब राजा सोच में पड़ गया कि वह संत को क्या दे, राजा ने कहा कि मैं आपको एक गांव दान में दे देता हूं। संत बोलें कि नहीं महाराज, गांव तो वहां रहने वाले लोगों...

मोटिवेशनल विचार:भगवान से नहीं अपने गलत कामों से डरना चाहिए, क्योंकि भगवान तो माफ कर देते हैं, लेकिन कर्म नहीं

सुबह की शुरुआत अच्छे विचारों के साथ करने से पूरे दिन सोच सकारात्मक रह सकती है   किसी भी काम में सफलता के लिए सोच सकारात्मक होनी चाहिए। अगर विचारों में नकारात्मकता रहेगी तो हम छोटे से काम में भी आसानी से सफल नहीं हो सकते हैं। दिन की शुरुआत अच्छे विचारों के साथ करने से, हमारी सोच पर दिनभर सकारात्मक असर बना रहता है। यहां जानिए कुछ ऐसे मोटिवेशनल विचार, जिन्हें अपनाने से हमारी कई समस्याएं दूर हो सकती हैं ...