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जुलाई, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कठिन परिस्थितियों में इंसान को धैर्य रखना चाहिए | kathin paristhitiyon mein insaan ko dhairy rakhana chaahie

व्यक्ति का जीवन संघर्षों से भरा हो जाता है। इसमें उतार-चढ़ाव का आना जाना लगा रहता है। मुसीबत के समय ही व्यक्ति की सही मायने में परीक्षा होती है क्योंकि मुसीबत के समय में हम कैसा व्यवहार करते हैं] यह बहुत ज्यादा मायने रखता है। बहुत समय पहले की बात है। एक नगर में एक छोटा सा परिवार रहता था | जो बहुत ही दयनीय स्थिति से गुजर रहा था। परिवार लगातार संघर्षों से जूझ रहा था, परंतु एक के बाद एक समस्या आती जा रही थी। लगातार आ रही समस्याओं से निराश होकर परिवार के छोटे लड़के ने अपने पिता से कहा कि अब हम थक चुके हैं। मुझे अपना भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है। लड़के के पिता खाना बनाने का काम करते थे। वो अपने लड़के को रसोईघर में लेकर गए। रसोईघर में उन्होंने तीन घड़ों में पानी भरकर उसे चूल्हे पर रख दिया। कुछ समय के पश्चात तीनों बर्तन में पानी उबलने लगा। उसने एक-एक करके पहले बर्तन में आलू, दूसरे में बर्तन में अंडे और तीसरे बर्तन में कॉफी बीन्स डाल दिये। लड़का बेसब्री से इंतजार कर रहा था, उसके दिमाग में चल रहा था कि पिता जी यह सब क्या कर रहे हैं। 20 मिनट बाद उन्होंने चूल्हे को बंद कर दिया। पिता ने सबसे पह...

कैसे मिलता है बड़ी-बड़ी समस्याओ का हल | kaise milta hai bade bade samasyao ka hal

एक किसान था . उसके खेत में एक पत्थर का एक हिस्सा ज़मीन से ऊपर निकला हुआ था जिससे ठोकर खाकर वह कई बार गिर चुका था और कितनी ही बार उससे टकराकर खेती के औजार भी टूट चुके थे .   रोजाना की तरह आज भी वह सुबह - सुबह खेती करने पहुंचा और इस बार वही हुआ , किसान का हल पत्थर से टकराकर टूट गया . किसान क्रोधित हो उठा , और उसने निश्चय किया कि आज जो भी हो जाए वह इस चट्टान को ज़मीन से निकाल कर इस खेत के बाहर फ़ेंक देगा .   वह तुरंत गाँव से ४ - ५ लोगों को बुला लाया और सभी को लेकर वह उस पत्त्थर के पास पहुंचा और बोल , ” यह देखो ज़मीन से निकले चट्टान के इस हिस्से ने मेरा बहुत नुक्सान किया है , और आज हम सभी को मिलकर इसे आज उखाड़कर खेत के बाहर फ़ेंक देना है .” और ऐसा कहते ही वह फावड़े से पत्थर के किनार वार करने लगा , पर यह क्या ! अभी उसने एक - दो बार ही मारा था कि पूरा - का पूरा पत्थर ज़मीन से बाहर निकल आया . साथ खड़े लोग भी अचरज...

स्वस्थ और फिट रहने के लिए इन नियमों को फॅालो करें | Swasth aur fit rahene ke lye en niyamo ko follow kere

  आज के समय में बदलती लाइफस्टाइल और खान- पान की गलत आदतों की वजह से कई तरह की बीमारियों का खतरा रहता है। स्वस्थ और फिट रहने के लिए कई चीजों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। इन चीजों का ध्यान रखने से आप बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे स्वस्थ और फिट रहने के लिए किन नियमों को फॅालो करना जरूरी होता है। इन नियमों को फॅालो कर आप बीमारियों से दूर रह सकते हैं।  रोजाना व्यायाम करें स्वस्थ और फिट रहने के लिए रोजाना व्यायाम करना बहुत जरूरी होता है। रोजाना व्यायाम करने से आप कई तरह की बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं। रोजाना कम से कम 15 से 30 मिनट व्यायाम करना चाहिए। पानी का सेवन पर्यापत मात्रा में करें स्वस्थ और फिट रहने के लिए पानी का सेवन पर्यापत मात्रा में करना चाहिए। पानी का सेवन पर्यापत मात्रा में करने से आप कई तरह की बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं। रोजाना कम से कम 2 से 3 लीटर पानी का सेवन करें। पर्यापत नींद लें पर्यापत नींद न लेने की वजह से भी कई तरह की बीमारियों का खतरा रहता है। स्वस्थ और फिट रहने के लिए रोजाना कम से कम 6 से ...

धन-दौलत और शोहरत से खुशी नहीं मिलती, पढ़े ये कहानी | dhan daulat aur sohrat se khushi nahi milte

 एक बार एक बेहद खूबसूरत महिला समुद्र के किनारे रेत पर टहल रही थी। समुद्र की लहरों के साथ कोई एक बहुत चमकदार पत्थर छोर पर आ गया। महिला ने वह नायाब-सा दिखने वाला पत्थर उठा लिया। वह हीरा था। महिला ने चुपचाप उसे अपने पर्स में रख लिया। लेकिन उसके हाव-भाव पर बहुत फर्क नहीं पड़ा। पास में खड़ा एक बूढ़ा व्यक्ति बडे़ ही कौतूहल से यह सब देख रहा था। अचानक वह अपनी जगह से उठा और उस महिला की ओर बढ़ने लगा। महिला के पास जाकर उस बूढ़े व्यक्ति ने उसके सामने हाथ फैलाए और बोला, 'मैंने पिछले चार दिनों से कुछ भी नहीं खाया है। क्या तुम मेरी मदद कर सकती हो?' उस महिला ने तुरंत अपना पर्स खोला और कुछ खाने की चीज ढूंढने लगी। उसने देखा बूढ़े की नजर उस पत्थर पर है, जिसे कुछ समय पहले उसने समुद्र तट पर रेत में पड़ा पाया था।  महिला पूरी कहानी समझ गई। उसने झट से वह पत्थर निकाला और उस बूढ़े को दे दिया। बूढ़ा सोचने लगा कि कोई ऐसी कीमती चीज भला इतनी आसानी से कैसे दे सकता है! बूढ़े ने गौर से उस पत्थर को देखा, वह असली हीरा था। बूढ़ा सोच में पड़ गया। इतने में औरत पलटकर वापस अपने रास्ते पर आगे बढ़ चुकी थी। बूढ़े ने ...

अदभुध धैर्य | Amazing Patience

  यूनान के प्रशिद्ध  संत सुकरात दार्शनिक थे| जब से उन्होंने उपदेश देने शुरु किए उनके घर सवेरे से शाम तक सत्संग के लिए आने वालो का ताँता लगने लगा | सुकरात की पत्नी कर्कश स्वभाव की थी | वह सोचती थी कि निठल्ले लोग बेकार ही   उसके घर अड्डा जमाए रखते है | वह समय-समय पर उनके साथ रुखा व्यवहार करती | इस बात से सुकरात को दुःख होता |  एक दिन सुकरात लोगो के साथ बतिया रहे थे कि पत्नी ने उनके उपर छत से गंदा पानी उलीच दिया | इतना ही नही वह उन्हें निठल्ला कहकर गालीया भी देने लगी | सत्संगीयो को यह उनका अपमान लगा | सुकरात को भी यह व्यवहार बुरा लगा परन्तु उन्होंने बहुत धैर्य के साथ उपस्थित लोगो से कहा “आप सभी ने सुना होगा कि जो गरजता है वह बरसता नहीं | आज तो मेरी पत्नी ने गरजना-बरसना साथ साथ कर उपरोक्त कहावत को ही झुठला दिया है ” सुकरात के विनोद भरे ये शब्द सुनते ही तमाम लोगो का क्रोध शांत हो गया | वे पुन: सत्संग में लिप्त हो गये | सुकरात का धैर्य देखकर उनकी पत्नी चकित रह गयी | उसी दिन से उसने अपना स्वभाव बदल दिया| उसने सुकरात के पास आने वालों का आदर-सम्मान और सत्कार कर...